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मध्य प्रदेश के विश्व धरोहर स्थल mppsc main exam2018

मध्य प्रदेश के विश्व धरोहर स्थल mppsc main exam2018 सांची सांची भारत के मध्य प्रदेश राज्य के रायसेन जिले , में बेतवा नदी के तट स्थित एक छोटा सा गांव है। यह भोपाल से ४६ कि॰मी॰ पूर्व में , तथा बेसनगर और विदिशा से १० कि॰मी॰ की दूरी पर मध्य-प्रदेश के मध्य भाग में स्थित है। यहां कई बौद्ध स्तूप स्मारक हैं , जो तीसरी शताब्दी ई.पू से बारहवीं शताब्दी के बीच के काल के हैं। सांची रायसेन जिले की एक नगर पंचायत है। भीमबेटका भीमबेटका (भीमबैठका) भारत के मध्य प्रदेश प्रान्त के रायसेन जिले में स्थित एक पुरापाषाणिक आवासीय पुरास्थल है। यह आदि-मानव द्वारा बनाये गए शैलचित्रों और शैलाश्रयों के लिए प्रसिद्ध है। इन चित्रों को पुरापाषाण काल से मध्यपाषाण काल के समय का माना जाता है। इनकी खोज वर्ष १९५७- १९५८ में डाक्टर विष्णु श्रीधर वाकणकर द्वारा की गई थी।भीम बेटका क्षेत्र को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण , भोपाल मंडल ने अगस्त १९९० में राष्ट्रीय महत्त्व का स्थल घोषित किया। इसके बाद जुलाई २००३ में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। खजुराहो मन्दिर खजुराहो मन्दिर ...

चेर्नोबिल परमाणु दुर्घटना

चेर्नोबिल परमाणु दुर्घटना 26 अप्रैल 1986 को युक्रेन के चेर्नोबिल में हुई अब तक की सबसे भयानक परमाणु दुर्घटना है। यह दुर्घटना शनिवार , २६ अप्रैल १९८६ को एक प्रणाली के परीक्षण के दौरान चेरनोबिल परमाणु संयंत्र के चौथे हिस्से से शुरु हुई। वहाँ अचानक विद्युत उत्पादन में वृद्धि हो गई थी और जब उसे आपात्कालीन स्थिति के कारण बंद करने की कोशिश की गई तो उल्टे विद्युत के उत्पादन में अत्यधिक वृद्धि हो गई। इससे एक संयंत्र टूट गया और अनियंत्रित नाभकीय विस्फोट श्रृंखला शुरु हो गई। ये घटनाएं संयंत्र के ग्रेफाइट में आग लगने का कारण हो सकती हैं। तेज हवा और आग के साथ रेडियोधर्मी पदार्थ तेजी से आस-पास के क्षेत्रों में फैल गए। इसमें भारी संख्या में जान माल की क्षती हुई और लगभग 350 , 400 लोग विस्थापित कर आलग स्थानों पर बसाए गए। इस दुर्घटना से सर्वाधिक प्रभावित बेलारूस हुआ। परमाणु संयंत्रो के दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में परमाणु विकिरण का रिसाव एक गंभीर समस्या हो सकता है। इसके अतिरिक्त रेडियो विकिरण के कारण परिस्थितिकी में आने वाला परिवर्तन एक अन्य चिंता का विषय हो सकता है। परमाणु संय...